जिमखाना क्लब चुनाव में नितिन कोहली की रणनीति का दमदार प्रदर्शन, अचीवर्स ग्रुप का क्लीन स्वीप
12 साल पहले गठित अचीवर्स ग्रुप ने चारों प्रमुख पदों पर दर्ज की जीत; अमित कुकरेजा, धीरज सेठ और सौरभ खुल्लर ने बड़े अंतर से जीता चुनाव, हरप्रीत सिंह ‘गोल्डी’ निर्विरोध चुने गए
Punjab Hotmail, जालंधर। जुल्लुंदर जिमखाना क्लब चुनावों में आम आदमी पार्टी के सेंट्रल जालंधर हलका इंचार्ज नितिन कोहली की अगुवाई वाले अचीवर्स ग्रुप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्लब के चारों प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया।

तीन पदों पर उम्मीदवारों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर हरप्रीत सिंह ‘गोल्डी’ पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
यह परिणाम नितिन कोहली द्वारा करीब 12 साल पहले गठित अचीवर्स ग्रुप की संगठनात्मक मजबूती और टीम की एकजुटता के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से क्लब सदस्यों के साथ संपर्क, लगातार संवाद और टीम के स्तर पर किए गए प्रयासों का असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया।
तीन पदों पर बड़ी जीत, चौथा पद निर्विरोध
चुनाव में अचीवर्स ग्रुप और प्रोग्रेसिव ग्रुप के बीच मुख्य मुकाबला रहा। अंतिम परिणामों में अचीवर्स ग्रुप ने तीन पदों पर स्पष्ट जीत दर्ज की, जबकि चौथे पद पर विरोधी उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद हरप्रीत सिंह ‘गोल्डी’ निर्विरोध चुन लिए गए।
- मानद सचिव पद पर अमित कुकरेजा ने 2,074 वोट हासिल करते हुए 1,720 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की।
- जूनियर वाइस प्रेसिडेंट पद पर धीरज सेठ को 1,549 वोट मिले और उन्होंने 486 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
- खजांची पद पर सौरभ खुल्लर ने 1,569 वोट हासिल किए और 508 वोटों के अंतर से विजयी रहे।
- वहीं ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर हरप्रीत सिंह ‘गोल्डी’ विरोधी उम्मीदवार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उम्मीदवारी वापस लिए जाने के बाद निर्विरोध चुने गए।
चार प्रमुख पद, चारों पर अचीवर्स ग्रुप का कब्जा
जुल्लुंदर जिमखाना क्लब के प्रमुख पदों पर अचीवर्स ग्रुप की स्थिति अब इस प्रकार है—
– मानद सचिव: अमित कुकरेजा — 2,074 वोट।
– जूनियर वाइस प्रेसिडेंट: धीरज सेठ — 1,549 वोट
– ज्वाइंट सेक्रेटरी: हरप्रीत सिंह ‘गोल्डी’ — निर्विरोध।
– खजांची: सौरभ खुल्लर — 1,569 वोट।
चारों प्रमुख पदों पर जीत ने अचीवर्स ग्रुप को क्लब के नेतृत्व में मजबूत जनादेश दिया है।

12 साल की मेहनत का मिला चुनावी परिणाम
अचीवर्स ग्रुप की नींव नितिन कोहली ने करीब 12 साल पहले रखी थी। इसके बाद से उन्होंने एक संगठित और मजबूत टीम तैयार करने पर लगातार जोर दिया। इस दौरान टीम के सदस्यों के बीच समन्वय, क्लब सदस्यों से संवाद और संगठन को सक्रिय रखने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाते रहे।
चुनाव के दौरान नितिन कोहली भी क्लब में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अचीवर्स ग्रुप केवल चुनाव लड़ने वाली टीम नहीं है, बल्कि पिछले 12 वर्षों से क्लब और उसके सदस्यों के हितों को ध्यान में रखकर काम करने वाला समूह है।
उनके अनुसार, टीम का उद्देश्य क्लब को बेहतर बनाना, सदस्यों के लिए सुविधाओं में सुधार करना और खेल एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना रहा है।
जीत ने साबित की टीम की एकजुटता
जिमखाना क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के चुनाव में लगातार मजबूत प्रदर्शन किसी भी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार चारों प्रमुख पदों पर अचीवर्स ग्रुप की जीत ने टीम की संगठनात्मक क्षमता और आपसी समन्वय को एक बार फिर सामने ला दिया है।
एक पद पर निर्विरोध जीत और तीन पदों पर बड़े अंतर से विजय ने चुनावी मुकाबले में अचीवर्स ग्रुप की मजबूत स्थिति को स्पष्ट किया। नतीजों से यह भी संकेत मिला कि टीम ने चुनाव से काफी पहले से ही सदस्यों के बीच संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों पर काम किया था।
जालंधर के सामाजिक हलकों में भी चर्चा
1958 में स्थापित जुल्लुंदर जिमखाना क्लब जालंधर के सामाजिक, खेल और नागरिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। क्लब में बड़ी संख्या में सदस्य हैं और यहां होने वाले चुनाव शहर के सामाजिक हलकों में विशेष रुचि का विषय रहते हैं।
ऐसे प्रतिष्ठित क्लब के चारों प्रमुख पदों पर एक ही ग्रुप की जीत को महत्वपूर्ण संगठनात्मक उपलब्धि माना जा रहा है। अब अचीवर्स ग्रुप के सामने क्लब के सदस्यों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और क्लब की गतिविधियों तथा सुविधाओं को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ा राजनीतिक महत्व
नितिन कोहली की मौजूदा राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए जिमखाना क्लब चुनाव का परिणाम उनके लिए राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि क्लब चुनाव और विधानसभा चुनाव अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं और दोनों की सीधी तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन शहर की एक प्रमुख संस्था में उनकी टीम के प्रदर्शन ने निश्चित रूप से उनके संगठनात्मक नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस जीत को नितिन कोहली के लिए मनोबल बढ़ाने वाली उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। विधानसभा चुनावों से पहले यह परिणाम उनकी टीम में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा कर सकता है।
‘सेमीफाइनल’ में अचीवर्स ग्रुप का दमदार प्रदर्शन
जालंधर के कुछ राजनीतिक और सामाजिक हलकों में जिमखाना क्लब चुनाव को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक तरह के ‘सेमीफाइनल’ के रूप में भी देखा जा रहा था। ऐसे में चारों प्रमुख पदों पर अचीवर्स ग्रुप की जीत ने इस मुकाबले को नितिन कोहली के पक्ष में निर्णायक बना दिया है।
हालांकि, असली राजनीतिक परीक्षा विधानसभा चुनाव में होगी, लेकिन जिमखाना क्लब चुनाव के नतीजे ने नितिन कोहली और उनकी टीम को संगठनात्मक स्तर पर निश्चित रूप से मजबूत संदेश दिया है।
चारों प्रमुख पदों पर जीत के साथ अचीवर्स ग्रुप ने जिमखाना क्लब में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। अमित कुकरेजा, धीरज सेठ, हरप्रीत सिंह ‘गोल्डी’ और सौरभ खुल्लर की जीत को नितिन कोहली की 12 साल पुरानी टीम की एकजुटता, रणनीति और लगातार संगठनात्मक प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
