जालंधर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर: मांगों को लेकर प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ जताया विरोध; दो दिन छुट्टी की मांग!
Punjab Hotmail Bureau, जालंधर। लंबित मांगों और विभिन्न मुद्दों को लेकर देशभर की बैंक यूनियनों ने आज हड़ताल का फैसला किया है। इसका असर जालंधर में भी सरकारी बैंकों की कई शाखाओं के कामकाज पर देखने को मिला।

कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण बैंक शाखाओं में पहुंचने वाले ग्राहकों को कई सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, ATM और अन्य ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण कुछ बैंकिंग कार्य इन माध्यमों से किए जा सकते हैं।

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार व बैंक प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया। PNB स्टाफ यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी विनोद शर्मा ने बताया कि ऑल इंडिया स्तर पर हड़ताल रखी गई है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से संबंधित मांगों पर कार्रवाई समेत कई अन्य लंबित मुद्दे शामिल हैं।
विनोद शर्मा के अनुसार, बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 2024 में 5 दिन के बैंकिंग सप्ताह पर सहमति जताई थी, लेकिन अब केंद्र सरकार इस मुद्दे पर टालमटौल कर रही है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 28, 29 और 30 तारीख को तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। उन्होंने यह भी कहा कि 26 अक्टूबर से कर्मचारी हड़ताल करने की बात कह रहे हैं।
बैंक कर्मचारियों ने लंबित अन्य मुद्दों को लेकर भी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
