पंजाब में सनसनीखेज घटनाक्रम: वेयरहाउस मैनेजर ने निगला सल्फास, सुसाइड से पहले मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप… CM बोले- किसी को बख्शेंगे नहीं! पढ़ें
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वीडियो जारी कर ठहराया जिम्मेदार, इलाज के दौरान मौत; CM ने कैबिनेट मंत्री से लिया इस्तीफा, जांच के आदेश
पंजाब हॉटमेल, अमृतसर/चंडीगढ़। पंजाब वेयरहाउस के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा कथित रूप से सल्फास निगलने की घटना ने पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है।

शुक्रवार देर रात उन्होंने जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
रिश्वत आरोपों के बीच उठाया आत्मघाती कदम
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रंधावा पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए जा रहे थे। इसी बीच उन्होंने आत्महत्या से पहले एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने कैबिनेट मंत्री लाल जीत सिंह भुल्लर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
वीडियो सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।वीडियो रिकॉर्ड करने के तुरंत बाद रंधावा ने सल्फास निगल लिया। परिजनों और सहयोगियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
अस्पताल में हलचल, पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बहुआयामी जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता, रिश्वत के आरोप और अन्य परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है।पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप
घटना के बाद सांसद गुरजीत सिंह औजला अस्पताल पहुंचे और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
CM का बड़ा फैसला — मंत्री का इस्तीफा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कैबिनेट मंत्री लाल जीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा ले लिया है। यह फैसला वीडियो में लगाए गए आरोपों के बाद लिया गया बताया जा रहा है।अब पूरे प्रदेश की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले की सच्चाई सामने आ सके।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा असर छोड़ सकती है।
