वरिंदर घुम्मन मौत मामला: फोर्टिस के डॉक्टरों पर FIR और लाइसेंस रद्द करने की मांग, SIT रिपोर्ट के बाद पिता का बड़ा आरोप… पढ़ें और देखें
#VarinderGhuman #FortisHospital #MedicalNegligence #SITReport #JusticeForGhuman #Jalandhar #BreakingNews
पंजाब हॉटमेल, जालंधर। जालंधर में इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मन की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

एसआईटी की मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद उनके पिता गुलजार सिंह ने Fortis Hospital के डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनके लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान जानबूझकर लापरवाही बरती गई और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।
पिता ने कहा कि वह मंगलवार को पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर से मुलाकात कर डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
परिवार का कहना है कि एसआईटी रिपोर्ट में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं, जिसके बाद अब इंसाफ की उम्मीद और तेज हो गई है।
एक घंटे की सर्जरी बनी पांच घंटे की प्रक्रिया
गुलजार सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही डॉक्टरों से कहा था कि वरिंदर को तुरंत बेहोश न किया जाए, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। जहां एक घंटे की सर्जरी बताई गई थी, वहीं ऑपरेशन पांच से साढ़े पांच घंटे तक चला।

परिवार का दावा है कि ऑपरेशन थिएटर में ही वरिंदर की मौत हो गई, जबकि मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई।
ईसीजी रिपोर्ट खराब होने के बावजूद सर्जरी का आरोप
परिजनों का आरोप है कि सर्जरी से पहले ईसीजी रिपोर्ट सामान्य नहीं थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में सर्जरी टालनी चाहिए थी।
परिवार का कहना है कि यह सीधे तौर पर मेडिकल लापरवाही का मामला है।

चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद उठे सवाल
गुलजार सिंह ने यह भी बताया कि वरिंदर घुम्मन चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके थे। उन्होंने आशंका जताई कि क्या चुनावी घोषणा के बाद किसी तरह की साजिश या हेरफेर हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर 2025 को सर्जरी के दौरान वरिंदर घुम्मन की मौत हो गई थी। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने एसआईटी का गठन कर मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई थी।
रिपोर्ट आने के बाद अब परिवार न्याय की मांग को लेकर खुलकर सामने आ गया है।
