रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: अबतक के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा, शेयर बाजार में भारी बिकवाली… पढ़ें
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पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली। भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 28 पैसे गिरकर 94.24 पर आ गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है।

यह लगातार तीसरा सत्र है जब रुपये में गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले बुधवार को रुपया 94.05 पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को यह 93.76 पर रहा था।
रुपये पर दबाव की मुख्य वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और ईरान संकट के चलते बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव बताया जा रहा है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता और वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है।
रुपये की कमजोरी का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से अधिक टूटकर करीब 74,000 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,000 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1074 अंक तक गिरा और निफ्टी में भी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फिनसर्व में प्रमुख गिरावट देखी गई, जबकि टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे आईटी शेयरों में कुछ मजबूती रही।
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई कमजोर रहे, जबकि शंघाई और हैंगसेंग में हल्की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई, जिससे वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ रहा है।
