Punjab Politics: अकाली दल दो फाड़: अकाल तख्त साहिब कमेटी ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पार्टी प्रधान बनाया, सुखबीर बादल को चुनौती
बागी गुट के साथी भी ने प्रधान के साथ, सियासी समीकरण बदलेंगे
पंजाब हॉटमेल, चंडीगढ़/अमृतसर। पंजाब की पंथक राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्री अकाल तख्त साहिब की नियुक्त कमेटी ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) से अलग एक नया राजनीतिक और धार्मिक धड़ा बना लिया है।

इस नए राजनीतिक दल की कमान पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को सौंपी गई है, जबकि बीबी सतवंत कौर को पंथक कमेटी की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।
पांच सदस्यीय कमेटी द्वारा गठित
इस ढांचे में धार्मिक और सियासी कामकाज को अलग-अलग रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। यह नया गुट SAD (बादल) और SGPC के समानांतर काम करेगा, जिससे मौजूदा नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।बुर्ज अकाली बाबा फूला सिंह गुरुद्वारे में पंथक इकठ्ठ के दौरान इस नए दल की घोषणा की गई।

सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद ज्ञानी हरप्रीत सिंह को प्रधान घोषित किया गया। माना जा रहा है कि यह नई पार्टी SAD के पुराने संविधान को अपनाकर चुनाव आयोग के समक्ष खुद को “असली अकाली दल” के तौर पर पेश करेगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सुखबीर बादल की अगुवाई वाले शिरोमणि अकाली दल के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उधर, SAD (बादल) गुट ने धर्म और राजनीति को मिलाने के प्रयास को संविधान के खिलाफ बताया है और इसे पार्टी की मान्यता के लिए खतरा बताया है।
यह फूट आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीतिक दिशा और पंथक नेतृत्व को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है।