वैश्विक तनाव से बाजार में सुनामी: सेंसेक्स धड़ाम, रुपया लुढ़का; सोना चांदी इतने सस्ते
#StockMarketCrash #Sensex #Nifty #RupeeAtRecordLow #DollarVsRupee #BrentCrude #GlobalTension #IranCrisis #FIIOutflow #IndianEconomy #MarketVolatility #BreakingNews
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद झटकेदार रही। सोमवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,555.62 अंक यानी करीब 2% की भारी गिरावट के साथ 72,977.34 पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 479.95 अंक टूटकर 22,634.55 पर पहुंच गया।

विदेशी निवेशकों की आक्रामक बिकवाली और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय रुपया भी दबाव में रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 93.94 पर पहुंच गया।
ब्लूचिप शेयरों में जबरदस्त बिकवाली
सेंसेक्स की 30 में से ज्यादातर कंपनियां लाल निशान में रहीं। टाटा स्टील, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन और अदानी पोर्ट्स जैसे दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। आईटी सेक्टर से एचसीएल टेक एकमात्र शेयर रहा, जिसने इस कमजोरी के बीच बढ़त दिखाई।
48 घंटे का अल्टीमेटम बना बाजार का ट्रिगर
मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम—जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी क्षमता से खोलने की चेतावनी शामिल है—ने बाजार में घबराहट बढ़ा दी।
निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर डॉलर और मनी मार्केट फंड्स जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। अमेरिकी मनी मार्केट फंड्स का एयूएम 8 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचना इसी ‘सेफ हेवन’ ट्रेंड को दर्शाता है।
रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया
डॉलर की मजबूती और पूंजी निकासी के चलते रुपया 93.94 के स्तर तक फिसल गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। लगातार एफआईआई बिकवाली ने भी मुद्रा बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
तेल बाजार में उथल-पुथल, 112 डॉलर के ऊपर ब्रेंट
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.62% बढ़कर 112.9 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI करीब 98.50 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। सप्लाई बाधित होने की आशंका और संभावित सैन्य कार्रवाई के खतरे ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है।
तनाव के बावजूद सोने में गिरावट
आमतौर पर संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार सोना करीब 2% गिरकर 4,408 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। विश्लेषकों का कहना है कि मार्जिन कॉल के दबाव में निवेशकों ने गोल्ड पोजिशन बेचकर इक्विटी में हुए नुकसान की भरपाई की।
एशिया से अमेरिका तक बिकवाली
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी गई—जापान का निक्केई 4% से ज्यादा टूटा, हैंगसेंग 3% से अधिक गिरा और कोस्पी में 6% तक की गिरावट आई।शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी दबाव में रहे थे—डाउ जोन्स 0.96% गिरा, S&P 500 में 1.51% और नैस्डैक में 2% की कमजोरी दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की तेज निकासी
बाजार आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 5,518.39 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,706.23 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इस महीने अब तक विदेशी निवेशक करीब 88,180 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाल चुके हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सेंसेक्स 325.72 अंक की बढ़त के साथ 74,532.96 पर और निफ्टी 112.35 अंक चढ़कर 23,114.50 पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार की तेज गिरावट ने बाजार की दिशा बदल दी है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क और संतुलित रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
चांदी करीब ₹20400 सस्ती; सोने ने 40 साल का तोड़ा रिकॉर्ड, कीमतें 4354 डॉलर तक लुढ़की

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोमवार को एमसीक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 20400 रुपये गिरकर 2.06 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 9759 रुपये गिरकर 1.34 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में बीते एक हफ्ते में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले 40 वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। कीमतें 5,200 डॉलर से गिरकर 4,354 डॉलर प्रति औंस तक आ गई हैं। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत डॉलर के दबाव में दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली देखी गई।
