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अफवाहों के बाद लंबी कतारें: ऊर्जा संकट पर सरकार का बड़ा कदम, पेट्रोल पर एक्साइज 3 रुपये, डीजल पर शून्य; आज CM’s के साथ PM मोदी की अहम बैठक

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पंजाब हॉटमेल, न ई दिल्ली, चंडीगढ़/मुंबई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में भारी कटौती की है।

वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रति लीटर 10 रुपये की कटौती की गई है। इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटकर 3 रुपये रह गई है, जबकि डीजल पर 10 रुपये की ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर शून्य कर दिया गया है।

यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50% तक आई तेजी के बीच तेल विपणन कंपनियों पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने अब तक घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर रखा था।

इस बीच Narendra Modi आज चुनावी राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में तनाव शुरू होने के बाद यह मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी पहली औपचारिक समीक्षा बैठक होगी।

बैठक में राज्यों की तैयारियों, आपूर्ति व्यवस्था और आपात योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। चुनावी राज्यों—तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी—के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक की जाएगी।

सरकार ने होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारत के पास लगभग 60 दिनों का तेल भंडार उपलब्ध है।

प्रधानमंत्री लगातार इस मुद्दे पर सक्रिय हैं और संसद से लेकर सर्वदलीय बैठक तक स्थिति की जानकारी दे चुके हैं। अब राज्यों के साथ समन्वय कर ‘टीम इंडिया’ के रूप में संकट से निपटने की रणनीति को और मजबूत किया जाएगा।

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