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बड़ी खबर: 6 साल बाद खुला आध्यात्मिक द्वार: भारत-चीन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर ये हुआ फैसला… पढ़ें और देखें

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राजनाथ सिंह की चीन में अधिकारियों से अहम मुलाकात, तीर्थयात्रियों को राहत

पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली/बीजिंग। भारत #india और चीन #chaina के बीच लंबे समय से बंद पड़ी कैलाश मानसरोवर #kailashmansarovar यात्रा को लेकर आखिरकार छह साल बाद एक सकारात्मक पहल हुई है। दोनों देशों ने इस पवित्र यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है।

यह फैसला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चीन यात्रा और वहां के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बातचीत के दौरान लिया गया।

2019 के बाद पहली बार मिलेगी यात्रा की मंजूरी

कैलाश मानसरोवर यात्रा, जो हिंदू, बौद्ध, जैन और तिब्बती श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है, 2019 से कोरोना महामारी और उसके बाद के भारत-चीन सीमा तनाव के कारण बंद थी। अब दोनों देशों के बीच रिश्तों में थोड़ा नरमी आने के बाद इसे दोबारा शुरू करने की पहल की गई है।

राजनाथ सिंह की चीन यात्रा रही निर्णाय

करक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में चीन में कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बातचीत का प्रमुख उद्देश्य सीमा विवादों में तनाव कम करना, राजनयिक रिश्तों को मजबूत करना और आर्थिक व सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना था। इसी क्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बनी सहमति एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

यात्रा रूट को लेकर भी हुई चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, भारत और चीन दोनों देशों के अधिकारी लिपुलेख दर्रे और नाथू ला पास जैसे पारंपरिक रूट्स को फिर से खोलने पर विचार कर रहे हैं। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा, मेडिकल सुविधाएं और वीसा प्रोसेस को सरल बनाने पर भी सहमति बनी है।

आस्था के द्वार फिर खुलेंगे

कैलाश मानसरोवर की यात्रा सिर्फ एक धार्मिक तीर्थ नहीं, बल्कि भारत-तिब्बत-चीन के बीच सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक है। लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा सिर्फ दर्शन का अवसर नहीं, बल्कि आत्मिक शांति की अनुभूति भी है। इस सहमति के बाद अब उम्मीद है कि जल्द ही यात्रियों के लिए तारीखें और दिशा-निर्देश घोषित किए जाएंगे।

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