शहादत, श्रद्धा और सेवा का महासंगम: मुक्तसर साहिब में मेला माघी पूरे शबाब पर, चालीस मुक्तों को नमन कर शहादत को किया याद
पंजाब हॉटमेल, मुक्तसर साहिब। दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चालीस मुक्तों की अमर शहादत की साक्षी पवित्र मुक्तसर की धरती पर मेला माघी भव्य और ऐतिहासिक रूप में आरंभ हो गया है। लोहड़ी की रात से ही देश-विदेश से संगतों का मुक्तसर पहुंचना शुरू हो गया था।

कड़ाके की ठंड और 2 से 4 डिग्री तक गिर चुके तापमान के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के पवित्र सरोवर में डुबकियां लगाने का सिलसिला देर रात से ही जारी रहा।

मेला माघी के अवसर पर संगतों ने चालीस मुक्तों को नमन करते हुए उनकी महान कुर्बानी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के साथ-साथ गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब, गुरुद्वारा तंबू साहिब, गुरुद्वारा टिब्बी साहिब, गुरुद्वारा दातनसर साहिब और गुरुद्वारा तरनतारन साहिब सहित अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों में भी नतमस्तक हो रहे हैं।
धार्मिक माहौल को और आध्यात्मिक बनाते हुए विभिन्न गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए और भाई महां सिंह दीवान हाल में भव्य धार्मिक दीवान सजाए गए।
रागी और ढाड़ी जत्थों ने गुरु यश और सिख इतिहास का गुणगान कर संगतों को निहाल किया तथा चालीस मुक्तों की शहादत से संगत को अवगत कराया।
15 जनवरी को गुरुद्वारा टिब्बी साहिब में विशेष ढाड़ी समागम और गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब से भव्य नगर कीर्तन का आयोजन होगा, जबकि गुरुद्वारा तंबू साहिब में अमृत संचार भी कराया जाएगा।
मेला माघी के साथ-साथ मलोट रोड पर मनोरंजन मेला भी शुरू हो गया है, जो 28 फरवरी तक चलेगा।
गुरुद्वारों में माथा टेकने के बाद संगतें परिवार सहित मेले का आनंद उठा रही हैं। वहीं शहर के दानी सज्जनों द्वारा लोहड़ी की रात से ही जगह-जगह लगाए गए लंगरों ने सेवा, भाईचारे और सिख परंपरा की अनुपम मिसाल पेश की है।
