बेटियों की शगुन योजना में बड़ा बदलाव: अब नहीं लगेगा विवाह प्रमाण पत्र… प्रसव-वजीफा-मनरेगा का आसानी से मिलेगा लाभ… पढ़ें
पंजाब हॉटमेल, चंडीगढ़/जालंधर। पंजाब सरकार ने शगुन योजना को आसान बनाते हुए विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब लाभ पाने के लिए केवल विवाह की तस्वीरें और धार्मिक हस्तियों की फोटो के साथ स्व-घोषणा पत्र देना ही काफी होगा।
योजना के तहत शादी पर ₹51,000 की आर्थिक मदद दी जाती है।

प्रसव लाभ के लिए आधार कार्ड की शर्त भी खत्म
महिला श्रमिकों को अब बच्चे का आधार कार्ड देने की जरूरत नहीं। सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र देने पर महिला को ₹21,000 और पुरुष को ₹5,000 की सहायता मिलेगी।
वजीफा योजना में सेवा की शर्त हटी

अब श्रमिकों के बच्चों को वजीफा पाने के लिए दो साल की सेवा जरूरी नहीं। योगदान शुरू करते ही लाभ मिल सकेगा।
मनरेगा मजदूरों को भी लाभ के लिए प्रोत्साहन
90 दिन से अधिक काम कर चुके मनरेगा मजदूरों को निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार ने योजनाओं के प्रचार के लिए ₹1 करोड़ का बजट भी मंजूर किया है।