पंजाब विधानसभा में सियासी घमासान! ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित, चीमा ने सुखपाल खैहरा और परगट सिंह पर लगाए गंभीर आरोप
SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास; नशे और बेअदबी के मामलों को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस को घेरा
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, चंडीगढ़/जालंधर। पंजाब विधानसभा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें दो घंटे तक बैठाकर रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके सामान की जांच की गई, लेकिन कस्टम अधिकारियों को उसमें से कुछ नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने कस्टम विभाग के अधिकारी मनीष और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच पारिवारिक संबंधों का हवाला देते हुए भी आरोप लगाए। उन्होंने गुजरात से नशे की सप्लाई को लेकर भी सवाल उठाए। प्रस्ताव की प्रति राष्ट्रपति को भेजे जाने की बात कही गई।
हरपाल सिंह चीमा के निशाने पर कांग्रेस, खैहरा और परगट सिंह को लेकर तीखे बयान
विधानसभा में नशे के मुद्दे पर बहस के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस विधायकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा और परगट सिंह पर पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आरोप लगाए और कहा कि पंजाब की जनता उनके राजनीतिक इतिहास से परिचित है।

चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब में चिट्टे की समस्या अकाली दल की सरकार के समय सामने आई थी। उन्होंने पाकिस्तान से नशे की तस्करी और गुरदेव सिंह दैवी का जिक्र करते हुए कहा कि उनका संबंध सुखपाल सिंह खैहरा से था। ये सभी बातें उन्होंने सदन में कांग्रेस को घेरते हुए कहीं।
बेअदबी और गोलीकांड के पुराने मामलों का भी उठाया मुद्दा
हरपाल सिंह चीमा ने नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए उस समय की सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले से संबंधित रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की। अपने भाषण में उन्होंने कुछ लोगों के रिश्तों और कथित आपराधिक भूमिका को लेकर आरोप लगाए।
वित्त मंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर पंजाब की जवानी को नशे से हुए नुकसान और उसके बाद लाशों की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उनके बयान के दौरान सदन में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना रहा।
महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है। संबंधित नेताओं और अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
