कपूरथला में 30 हजार रुपये रिश्वत लेते सब-डिवीजनल इंजीनियर रंगे हाथ गिरफ्तार, 1.25 लाख की थी मांग
Punjab Hotmail Bureau, चंडीगढ़/कपूरथला। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत कपूरथला के जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग में तैनात सब-डिवीजनल इंजीनियर (SDE) अगमजोत सिंह को 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

विजिलेंस के अनुसार आरोपी अधिकारी ने एक कर्मचारी का तबादला रोकने के बदले 1.25 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता के मुताबिक, शिकायतकर्ता जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग, सब-डिवीजन नंबर-2 कपूरथला में सब-डिवीजनल क्लर्क के पद पर तैनात है।
उसका तबादला 5 अक्टूबर 2026 को गांव चक्कोकी, जिला कपूरथला की जल सप्लाई स्कीम में कर दिया गया था। घर से नई तैनाती वाली जगह काफी दूर होने के कारण उसने तबादला रद्द या रोकने की मौखिक अपील की थी।
शिकायत के अनुसार, कर्मचारी के साथी फिटर हेल्पर अमरिंदर सिंह ने बताया कि तबादला रोकने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। इसके बाद अमरिंदर सिंह ने आरोपी SDE से फोन पर संपर्क किया, जहां कथित तौर पर 1.25 लाख रुपये की मांग की गई, जिसे किस्तों में देने की बात कही गई। इस बातचीत को अमरिंदर सिंह ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए विजिलेंस ब्यूरो जालंधर रेंज से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी SDE अगमजोत सिंह को 30,000 रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। इस मामले में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो जालंधर रेंज के थाने में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
