जालंधर के मन्नत हॉस्पिटल में हंगामा: 5 माह की गर्भवती के गर्भस्थ शिशु की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के लगाए आरोप!
पंजाब हॉटमेल, जालंधर। शहर के मन्नत हॉस्पिटल में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही और कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु को मृत घोषित कर दिया।

पीड़ित पति के अनुसार उसकी पत्नी भावना करीब पांच माह की गर्भवती थी और शुरू से ही मन्नत हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा था।
आरोप है कि चेकअप के दौरान डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद कुछ समय तक महिला सामान्य रही और उसे घर भेज दिया गया। लेकिन घर पहुंचने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और पूरी रात वह दर्द से तड़पती रही।
परिजनों का कहना है कि अगले दिन वे दोबारा महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां स्कैन कराने की सलाह दी गई। उनका आरोप है कि इलाज करने के बजाय अस्पताल ने महिला को फुटबॉल चौक स्थित दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।
वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी है। मरीज की जेठानी अमनदीप कौर ने आरोप लगाया कि परिवार ने समय रहते इलाज की गुहार लगाई थी, लेकिन अस्पताल की ओर से उचित उपचार नहीं किया गया।
उनका कहना है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए।
जांच अधिकारी ने बताया कि परिवार की शिकायत के अनुसार महिला तीन दिन पहले इलाज के लिए अस्पताल आई थी। डॉक्टर ने उसे अल्ट्रासाउंड (स्कैन) कराने के लिए भेजा था।
स्कैन रिपोर्ट में गर्भस्थ शिशु की हार्टबीट नहीं मिलने के बाद महिला को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां शिशु को मृत घोषित कर दिया गया।
इंजेक्शन लगाए जाने के आरोप पर अस्पताल की ओर से बताया गया कि महिला को खून का बहाव होने के कारण आवश्यक इंजेक्शन लगाया गया था।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
