हरे निशान पर खुला शेयर बाजार: सेंसेक्स-निफ्टी में चमके; डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव… पढ़ें
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पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को जबरदस्त तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक बाजारों में मजबूती और पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के जल्द खत्म होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल बना।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,810.97 अंक यानी 2.52% की छलांग लगाकर 73,758.52 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी 512.50 अंक यानी 2.29% बढ़कर 22,843.90 पर कारोबार करता दिखा।
रुपया मजबूत, डॉलर पर दबाव
शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 94.70 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर पर दबाव बना हुआ है और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी जारी है, जो निवेशकों की सतर्कता का संकेत दे रही है।
बाजार में तेजी की बड़ी वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी संकट खत्म करने की इच्छाशक्ति जताई है।
इन बयानों के बाद एशियाई और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
हालांकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब पांचवें सप्ताह में पहुंच चुका है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। तेल और अन्य कमोडिटी की सप्लाई प्रभावित होने से महंगाई और आर्थिक विकास पर असर की आशंका भी बनी हुई है।
सोना-चांदी में लगातार तीसरे दिन तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.25% बढ़कर 4,737 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। पिछले सत्र में इसमें 3.5% की मजबूती देखी गई थी।
वहीं चांदी 0.42% चढ़कर 75.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।हालांकि हालिया तेजी के बावजूद मार्च में सोने की कीमतों में करीब 12% की गिरावट दर्ज की गई थी, जो अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है।
निवेशकों की नजर फेड पर
अब निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व और उसके चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बयानों पर टिकी हैं, खासकर ब्याज दरों को लेकर संभावित संकेतों के लिए।
बॉन्ड बाजार का फोकस भी अब महंगाई से हटकर युद्ध के आर्थिक प्रभाव पर शिफ्ट हो गया है।
कुल मिलाकर, वैश्विक संकेतों की मजबूती ने फिलहाल भारतीय बाजार में जोश भर दिया है, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
