Ludhiana में देर रात धमाका: मरने और घायलों की संख्या आई सामने, कई के मलबे में दबे लोगों की आशंका; आर्मी और NDRF तैनात
#LudhianaBlast #PunjabNews #FirecrackerFactory #IllegalFactory #Explosion #BreakingNews #LudhianaRural #ArmyOnSpot #FireBrigade #Tragedy #PunjabPolice #AccidentNews
पंजाब हॉटमेल, लुधियाना। पंजाब के लुधियाना जिले के गांव जोधां से आसी कलां और नारंगवाल लिंक रोड पर स्थित एक अवैध पटाखा फैक्टरी में मंगलवार देर रात हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया।

धमाका इतना जबरदस्त था कि कई किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज गूंजी और आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस मकान में यह धमाका हुआ, वह एक एनआरआई परिवार का बताया जा रहा है, जो विदेश में रह रहा है। उक्त मकान में प्रवासी मजदूर परिवार रह रहे थे और वहीं अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा था।

बताया जा रहा है कि फैक्टरी के स्टोर में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और पटाखे (पटास) रखे हुए थे। देर रात अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया।
दो की मौत की सूचना, कई गंभीर घायल
हादसे में दो लोगों की मौत की सूचना है, हालांकि पुलिस प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या और नामों की पुष्टि नहीं की है। मलबे से निकाले गए एक युवक के शव को लुधियाना के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है।

मृतक की पहचान 18 वर्षीय मोहम्मद कैफ पुत्र जमील के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय फैक्टरी में महिलाएं और अन्य मजदूर भी मौजूद थे।
घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कई लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
पुलिस, फायर ब्रिगेड और आर्मी मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी दाखा वरिंदर सिंह खोसा और थाना जोधां के प्रभारी साहिबमीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लुधियाना और जगरांव से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।
भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मलबे में दबे होने के कारण आर्मी को भी बुलाया गया है। जिला लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता और डीआईजी सतिंदर सिंह भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।
तहसीलदार करमजीत सिंह और फायर अफसर राजिंदर सिंह भी मौके पर मौजूद हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी कर दी है और किसी को भी घटनास्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
शॉर्ट सर्किट या गैस सिलेंडर बना वजह?
प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि तेज बारिश और तूफान के दौरान बिजली चली गई थी। मृतक के परिजनों के अनुसार, आसमानी बिजली गिरने से शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारियां निकलीं, जिसके बाद विस्फोट हुआ।
वहीं कुछ लोग गैस सिलेंडर फटने की भी आशंका जता रहे हैं। हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पहले भी संदिग्ध थीं गतिविधियां
इलाका निवासियों का कहना है कि मकान में रह रहे बाहरी राज्यों के लोगों की गतिविधियां पहले से संदिग्ध थीं और यहां लंबे समय से पटाखे बनाए जा रहे थे। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के बावजूद प्रशासन को इसकी भनक कैसे नहीं लगी।
ग्रामीण पुलिस ने मकान किराये पर देने और दिलवाने वालों की भी जांच शुरू कर दी है। बारिश और मलबे के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है।
सुबह होते ही सेना और प्रशासन संयुक्त रूप से विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित हटाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
यह हादसा एक बार फिर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर लगाम कसने और सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है।
