LPG पर बड़ा फैसला: PNG उपलब्ध होते ही इतने महीने में बंद होगी सिलेंडर सप्लाई, सरकार का नया आदेश जारी… पढ़ें
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पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली/चंडीगढ़। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के बीच केंद्र सरकार ने रसोई गैस वितरण को लेकर बड़ा कदम उठाया है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 जारी किया है। इसके तहत जिन शहरी इलाकों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।
3 महीने बाद बंद होगी LPG सप्लाई
आदेश के मुताबिक, यदि किसी क्षेत्र में पीएनजी सुविधा उपलब्ध है और उपभोक्ता अधिकृत एजेंसी की सूचना के बाद भी तीन महीने के भीतर पीएनजी कनेक्शन नहीं लेता, तो उसकी एलपीजी सप्लाई रोक दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम ‘ईंधन विविधीकरण’ नीति के तहत उठाया गया है, ताकि पाइपलाइन वाले शहरी क्षेत्रों से एलपीजी सिलेंडर मुक्त कर उन्हें दूरदराज इलाकों में भेजा जा सके, जहां पाइपलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है।
हाउसिंग सोसायटी पर भी सख्ती
नए नियमों के तहत हाउसिंग सोसायटी या गेटेड कॉम्प्लेक्स पीएनजी पाइपलाइन की अनुमति देने से इनकार नहीं कर सकेंगे।
3 कार्य दिवस में अनुमति देनी होगी।
48 घंटे में अंतिम कनेक्टिविटी देनी होगी।
अनुमति न देने पर नोटिस जारी होगा और 3 महीने बाद पूरे कॉम्प्लेक्स की एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है।
विवादों के निपटारे के लिए नामित अधिकारियों को सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां दी गई हैं।
कंपनियों के लिए भी समय-सीमा
सरकारी एजेंसियों को तय समय में मंजूरी देनी होगी, अन्यथा अनुमति स्वतः मानी जाएगी। गैस वितरण कंपनियों को मंजूरी के चार महीने के भीतर काम शुरू करना होगा, नहीं तो जुर्माना या लाइसेंस में कटौती हो सकती है।
निगरानी की जिम्मेदारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) को दी गई है।
तकनीकी बाधा होने पर मिलेगी छूट
यदि किसी घर में तकनीकी कारणों से पीएनजी पहुंचाना संभव नहीं है, तो अधिकृत कंपनी एनओसी जारी करेगी और ऐसे उपभोक्ता की एलपीजी सप्लाई जारी रहेगी।
क्या होंगे फायदे?
सरकार के मुताबिक, पीएनजी पाइपलाइन से सीधे रसोई तक गैस की निरंतर आपूर्ति होती है, जिससे सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी की झंझट खत्म हो जाती है। यह एलपीजी की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि यह कदम ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और वैश्विक आपूर्ति झटकों से निपटने की दिशा में बड़ा सुधार है।
सरकार का मानना है कि इस नीति से गैस नेटवर्क का तेजी से विस्तार होगा और देश के दूरदराज इलाकों तक एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
