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पश्चिम एशिया संकट पर लोकसभा में पीएम मोदी: ऊर्जा सुरक्षा से लेकर भारतीयों की सुरक्षित वापसी तक, सरकार ने गिनाईं ठोस तैयारियां

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संवाद ही समाधान”: भारत की कूटनीतिक प्राथमिकता, कृषि और उर्वरक सुरक्षा-किसानों को भरोसा

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पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली/चंडीगढ़। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा में बोलते हुए ने स्पष्ट किया कि यह संकट केवल क्षेत्रीय टकराव नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सरोकारों से जुड़ा गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि भारत शुरुआत से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित देशों के राष्ट्राध्यक्षों से संवाद कायम रखा गया है।

“संवाद ही समाधान”: भारत की कूटनीतिक प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत युद्ध के बजाय बातचीत और कूटनीति को ही समाधान मानता है।ऊर्जा एवं नागरिक ढांचे पर हमलों का विरोधसभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील।

भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सक्रिय प्रयासउन्होंने कहा कि भारत हमेशा मानवता और शांति के पक्ष में खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा।

खाड़ी में एक करोड़ भारतीय, सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

पीएम मोदी ने बताया कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। इसके अलावा वाणिज्यिक जहाजों में बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य तैनात हैं।24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय, प्रभावित देशों में भारतीय मिशन लगातार एडवाइजरी जारी कर रहे। अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौटे,

1000 भारतीयों की वापसी, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिलउन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

होर्मुज संकट और ऊर्जा आपूर्ति पर सरकार की रणनीति

प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से कच्चा तेल, गैस और उर्वरक बड़ी मात्रा में आते हैं।देश अपनी 60% एलपीजी जरूरत आयात से पूरी करता है27 से बढ़ाकर 41 देशों से ऊर्जा आयात53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक भंडार,

65 लाख मीट्रिक टन पर कार्य जारीरिफाइनिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धिसरकार लगातार वैकल्पिक सप्लायर्स से संपर्क में है, ताकि पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।

कृषि और उर्वरक सुरक्षा: किसानों को भरोसा

पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध का असर खेती पर न पड़े, इसके लिए व्यापक तैयारी की गई है।पर्याप्त खाद्यान्न भंडार उपलब्धछह नए यूरिया प्लांट शुरूनैनो यूरिया को बढ़ावाडीएपी और एनपीके आयात का विस्तार।

उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल में भी किसानों को यूरिया 300 रुपये में उपलब्ध कराया गया था, जबकि वैश्विक कीमतें 3000 रुपये तक पहुंच गई थीं।

वैकल्पिक ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत

प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते 10–11 वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार हुए हैं:पेट्रोल में 20% तक इथेनॉल मिश्रणरेलवे का व्यापक विद्युतीकरणसोलर पावर क्षमता 3 गीगावाट से बढ़कर 140 गीगावाट।

लगातार दूसरे वर्ष रिकॉर्ड कोयला उत्पादनपरमाणु और हाइड्रोपावर क्षमता में विस्तारउन्होंने कहा कि ऊर्जा अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और भारत का लक्ष्य दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर, जमाखोरी पर सख्ती

प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि संकट के समय कुछ तत्व अफवाह और कालाबाजारी फैलाने की कोशिश करते हैं।तटीय और साइबर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट परइंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहाजमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी।

“धैर्य, संयम और एकजुटता हमारी ताकत”

अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत को धैर्य और एकजुटता के साथ इस चुनौती का सामना करना होगा। सरकार अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है, ताकि वैश्विक संकट का देश पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

उन्होंने सदन और देशवासियों से अपील की कि अफवाहों से बचें और राष्ट्रीय हित में एकजुट रहें।

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