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‘D-Day’, किडनी कांड और सर्वोदय ठगी केस की एक साथ सुनवाई, क्या होगी गिरफ्तारी! सबकी नजरें अदालत पर

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पंजाब हॉटमेल, जालंधर (मनमोहन सिंह)। जालंधर में सामने आए हाई-प्रोफाइल किडनी रैकेट और सर्वोदय अस्पताल से जुड़े ठगी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है।

दोनों मामलों की सुनवाई अब एक ही दिन—21 फरवरी को तय की गई है। इस फैसले के बाद नामजद मुख्य आरोपी डॉ. राजेश अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।

एक तारीख, दो बड़े केस—अदालत का सख्त रुख

किडनी रैकेट और सर्वोदय अस्पताल में कथित ठगी—दोनों मामलों में अदालत की एक साथ सुनवाई का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। वकीलों के मुताबिक, 21 फरवरी को किडनी कांड में आरोपियों की हाजिरी अनिवार्य है।

वहीं धोखाधड़ी केस में गिरफ्तारी की अर्जी पर भी सुनवाई होनी है। ऐसे में यह दिन तय करेगा कि क्या आरोपियों पर कानून का शिकंजा कसता है या फिर राहत मिलती है।

सबकी नजरें अदालत पर—क्या होगी गिरफ्तारी?

किडनी कांड की सुनवाई को लेकर आम लोगों से लेकर कानूनी हलकों तक में चर्चा तेज है। सवाल यही है कि क्या डॉ. राजेश अग्रवाल और अन्य आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी होगी?

खास बात यह है कि किडनी रैकेट केस में डॉ. अग्रवाल की मौजूदगी जरूरी है, जबकि सर्वोदय ठगी मामले में पहले से ही गिरफ्तारी की मांग अदालत में लंबित है।

DRME रिपोर्ट और गवाही बना बड़ा मुद्दा

इस केस का सबसे अहम पहलू DRME की रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसके आधार पर किडनी रैकेट में डॉक्टरों को अवैध ट्रांसप्लांट का दोषी माना गया था और लाइसेंस रद्द हुए थे।

हालांकि, इस रिपोर्ट से जुड़े महत्वपूर्ण गवाह का नाम विटनेस लिस्ट से हटाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। प्रॉसिक्यूशन अब इस गवाही को शामिल कराने के लिए सेशन कोर्ट में अपील की तैयारी कर रहा है, जिससे केस की दिशा बदल सकती है।

सर्वोदय ठगी केस: FIR के बाद भी गिरफ्तारी लंबित

दूसरी तरफ सर्वोदय अस्पताल से जुड़े धोखाधड़ी मामले में अदालत के आदेश पर FIR तो दर्ज हो चुकी है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई। पुलिस ने SIT के गठन का हवाला दिया है, जबकि शिकायतकर्ता गिरफ्तारी में देरी को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। 21 फरवरी की सुनवाई में इस पर भी अहम फैसला आने की उम्मीद है।

21 फरवरी क्यों है निर्णायक?

कानूनी जानकारों के अनुसार, यह सुनवाई इसलिए निर्णायक मानी जा रही है क्योंकि एक ही दिन दोनों मामलों की स्थिति साफ हो सकती है—किडनी रैकेट में आरोपियों की कोर्ट में पेशी।

सर्वोदय ठगी केस में गिरफ्तारी पर फैसलापुलिस और SIT की भूमिका पर अदालत की टिप्पणीअब देखना यह है कि अदालत सख्त रुख अपनाती है या जांच एजेंसियों को और समय देती है।

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