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मृतक की पहचान पर सबसे बड़ा खेल: फर्जी आधार से जमीन की रजिस्ट्री, शहर में भू-माफिया का पर्दाफाश; पूर्व पार्षद था शामिल

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17 मरले के प्लॉट पर कब्जे की साजिश, कागज़ों में ‘जिंदा’ किया गया मृत व्यक्ति

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पंजाब हॉटमेल, जालंधर (मनमोहन सिंह)। जालंधर में प्रॉपर्टी फर्जीवाड़े का ऐसा मामला सामने आया है जिसने रजिस्ट्री प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव नंगल शामा स्थित 17 मरले के प्लॉट की रजिस्ट्री एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर करवा दी गई, जिसकी वर्ष 2023 में मृत्यु हो चुकी थी।

आरोपियों ने मृतक जमना दास के नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया और 24 अक्टूबर 2024 को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जालंधर में एक हमशक्ल व्यक्ति को पेश कर 22.10 लाख रुपये में जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम दर्ज करवा ली।

रजिस्ट्री के बाद इंतकाल भी मंजूर, कागजों में सौदा ‘वैध’ बनाया गया

सिर्फ रजिस्ट्री ही नहीं, बल्कि बाद में जमीन का इंतकाल भी मंजूर करवा लिया गया ताकि दस्तावेजों में पूरा सौदा कानूनी और सही प्रतीत हो। इस पूरे खेल में दस्तावेजों की ऐसी कारीगरी की गई कि पहली नजर में सब कुछ सामान्य लगे।

विदेश से लौटे व्यक्ति की शिकायत से खुला राज

इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब विदेश से लौटे विजय भाटिया ने मामले की शिकायत की। शिकायत के बाद जांच शुरू हुई और तथ्यों की पुष्टि होते ही थाना नवी बारादरी में केस दर्ज कर लिया गया।

पूर्व पार्षद समेत चार नामजद, धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराएं

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को नामजद किया है—अज्ञात व्यक्ति (जिसने जमना दास का रूप धारण किया)मंदीप कुमार निवासी काकी पिंड (खरीदार व पूर्व पार्षद)हरजिंदर सिंह नंबरदार गांव सपराए (पहला गवाह)गुरिंदर सिंह निवासी लड़ोआ टांडी (दूसरा गवाह)सभी आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

रजिस्ट्री सिस्टम पर उठे सवाल

इस घटना ने रजिस्ट्री प्रक्रिया, पहचान सत्यापन और दस्तावेज जांच की प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। एक मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी पहचान बनाकर इतनी बड़ी रजिस्ट्री हो जाना प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़ा करता है।

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